डाॅ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी कक्षाओं के गुणवत्तापूर्ण ईसीसीई’संचालन हेतु जनपद स्तर पर बीएलटी का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बुढनपुर, जनपद अमरोहा में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उप शिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य मुनेश कुमार ने कहा कि पूर्व प्राथमिक शालाओं में बच्चों के चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों का क्रमागत विकास करते हुए शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश हेतु तैयार करना ही इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है।
नौनिहालों की शिक्षा मजबूत हो सकेगी
उन्होने कहा कि मिशन प्रेरणा के अंतर्गत प्रदेश में बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए बच्चों में भाषाई दक्षता और गणना कौशल का विकास करने में यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होगा जो ब्लाकों पर चलते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगा और नौनिहालों की शिक्षा मजबूत हो सकेगी। साथ ही उन्होने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में भी चर्चा की।
बच्चे बिल्कुल घर की तरह महसूस करें
जिला समन्वयक प्रशिक्षण तरुण कुमार औलक ने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में इस प्रकार का माहौल मिले कि बच्चे बिल्कुल घर की तरह महसूस करें। उन्होंने कहा कि आप सभी ब्लॉक स्तर के मास्टर ट्रेनर(बीएल टी) के रूप में स्थापित हो चुके हैं और आपका यह दायित्व है कि आप इसे ब्लॉक स्तर पर कुशलतापूर्वक संचालित करें। मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ जितेन्द्र कुमार तथा डायट प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार रहे। प्रतिभागियों के रूप में उपस्थित सीडीपीओ, प्रभारी सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मुख्य सेविका तथा प्रत्येक ब्लॉक से एक एआरपी शामिल रहे।
अब ब्लाक स्तर पर होगा प्रशिक्षण
जनपद स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रतिभागियों द्वारा ब्लॉक स्तर पर समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे आंगनबाड़ी केंद्र व्यवस्थित और मिशन प्रेरणा से जुड़े समस्त आयामों को स्थापित कर पाएगा और उत्तर प्रदेश प्रेरक प्रदेश बनने की दिशा में अग्रसर हो सकेगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ए.आर.पी डॉ नरेन्द्र सिहँ, विकास राहुल, राजकुमार पाल, ब्रजपाल सिहँ, योगेश कुमार, अमित कुमार गुप्ता, आशिफ अली सहित कुल 37 आॉगनबाडी कार्यकत्री प्रतिभागी के रूप में उपस्थित रहीं।
डायट प्राचार्य मुनेश का बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास पर बल
